
रायगढ़ :- देश में आजकल राजनीती का स्तर इतना गिरता जा रहा है की राजनीती पाटिया देश के प्रमुख मुद्दों को छोड़ कर दूसरे अन्य मुद्दों पर तर्क वितर्क करती रहती है
नाम बदलने की राजनीती खूब हो रही है कल दिनांक को रायगढ़ कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया जहाँ भाजपा पर कांग्रेस नेताओं ने जमकर बरसे और सवालों के बौछार लगा दिए फिर क्या भाजपा चुप रहने वाली पाटी में से धोड़ी है शाम होते होते भाजपा के महामंत्री बिकास केडिया ने विज्ञप्ति जारी कर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया और कई सवाल कांग्रेस पर दाग दिए क्या कहा महामंत्री विकास केडिया ने आपको सुनाते हैं जी राम जी योजना को लेकर कांग्रेस द्वारा की गई प्रेस कॉन्प्रेंस पर हमलवार होते हुए भाजपा महामंत्री विकास केडिया ने आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगे तस्वीरें साझा करते हुए कहा दशकों से गांधी के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस ने महात्मा गांधी की तस्वीर तक को स्थान नहीं दिया। महामंत्री विकास केडिया ने कहा रोजगार गारंटी योजना में मौजूदा विसंगति को दूर करते हुए जी राम जी योजना लाई गई है।
कांग्रेस ने भी इस योजना में बहुत से परिवर्तन किए है। रोजगार गारंटी योजना का नाम पहले से महात्मा गाँधी जी के नाम पर नहीं था। 1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिला कर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना का नाम दिया जिसे राजीव गाँधी ने जवाहर रोजगार योजना का नाम दे दिया।
सोनिया-मनमोहन की सरकार ने 2004 में इसे NREGA कर दिया गया जिसे फिर 2005 में इसका नामकरण मनरेगा पर किया गया। कांग्रेस की सरकार ने जब जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान नहीं था? इसी तरह, आवास योजना का नाम पहले ग्रामीण आवास योजना था, राजीव गांधी ने 1985 में इसका नाम बदल कर इंदिरा आवास योजना कर दिया था। अप्रैल 2005 में कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना कर दिया।
हर योजना नेहरू,इंदिरा, राजीव गांधी के नाम पर की जाती रही। जबकि मोदी सरकार में नाम नहीं, काम बोलता है। कांग्रेस ने सत्ता रहते हुए नामकरण को लेकर ओछी राजनीति की है । देश के लगभग 600 संस्थानों, योजनाओं, पुरस्कारों के नाम गाँधी परिवार के नाम पर रखे गए है। खेल रत्न अवार्ड का नामकरण राजीव गाँधी के नाम पर किया गया जबकि खेलों में स्वर्गीय राजीव गाँधी जी का कोई योगदान नहीं था। कांग्रेस पार्टी ने नेहरू-गांधी खानदान के सदस्यों के जन्मतिथि को राष्ट्रीय पर्व और पुण्यतिथि को राष्ट्रीय शोक का दिन घोषित करने में परहेज नहीं किया।
यह पूरा देश जानता है कि सत्ता रहते कांग्रेस ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी, सरदार वल्लभ भाई पटेल जी, लाल बहादुर शास्त्री जी जैसे कई नेताओं के साथ उपेक्षित व्यवहार किया है। जी राम जी योजना के नाम पर कांग्रेस पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए विकास केडिया ने कहा कांग्रेस विधायक प्रकाश नायक कांग्रेस की महापौर जानकी काटजू गांधी चौक में स्थित गांधी प्रतिमा को विस्थापित होने से नहीं रोक पाई । गांधी नाम की कमाई खाने वाली कांग्रेस किस मुंह से जी राम जी योजना का विरोध कर रही समझ से परे है ।



